रक्षाबंधन 2025: तारीख में बड़ा बदलाव! न करें ये 1 गलती
रक्षाबंधन 2025 की सही तारीख और शुभ मुहूर्त जानें। क्या 19 अगस्त को है राखी? भद्रा काल के बारे में जानें और इस एक गलती से बचें ताकि भाई-बहन का प्यार बना रहे।
आचार्य देवव्रत शास्त्री
ज्योतिष, वास्तु और सनातन धर्म के ज्ञाता, जो त्योहारों के सही मुहूर्त की जानकारी देते हैं।
रक्षाबंधन 2025: तारीख में बड़ा बदलाव! न करें ये 1 गलती
रक्षाबंधन, भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार, हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। लेकिन अक्सर, पंचांग की गणनाओं के कारण इसकी तारीख और शुभ मुहूर्त को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है। साल 2025 में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है, जहाँ तारीख को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
क्या आप भी रक्षाबंधन 2025 की सही तारीख को लेकर असमंजस में हैं? क्या आप भद्रा काल के बारे में जानते हैं और यह क्यों महत्वपूर्ण है? इस लेख में हम आपके सभी सवालों का जवाब देंगे और आपको बताएँगे कि वह कौन सी एक गलती है जिससे आपको इस रक्षाबंधन पर बचना है।
रक्षाबंधन 2025 की सही तारीख क्या है?
पंचांग के अनुसार, श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त 2025, मंगलवार को शुरू होगी और 20 अगस्त 2025, बुधवार तक रहेगी। इस वजह से, रक्षाबंधन का त्योहार इन दो दिनों में मनाया जाएगा, लेकिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त भद्रा काल के कारण सीमित रहेगा।
अधिकतर लोग 19 अगस्त को ही रक्षाबंधन की तैयारी करेंगे, लेकिन यह जानना बेहद जरूरी है कि इस दिन राखी बांधने का सही समय कब है।
क्यों है तारीख को लेकर इतना भ्रम?
हिन्दू धर्म में कोई भी शुभ कार्य, विशेषकर रक्षाबंधन, सही मुहूर्त में किया जाता है। भ्रम का मुख्य कारण है पूर्णिमा तिथि का दो दिनों तक रहना और इसके साथ ही भद्रा काल का साया।
- पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 19 अगस्त 2025 को दोपहर के बाद।
- पूर्णिमा तिथि का समापन: 20 अगस्त 2025 को दोपहर से पहले।
- भद्रा का साया: जैसे ही 19 अगस्त को पूर्णिमा शुरू होगी, उसके साथ ही भद्रा भी लग जाएगी, जो रात तक रहेगी।
शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। इसी वजह से यह जानना महत्वपूर्ण हो जाता है कि आखिर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी कब बांधें - 19 अगस्त की रात को या 20 अगस्त की सुबह?
क्या है भद्रा काल और इसमें राखी क्यों नहीं बांधनी चाहिए?
ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में भद्रा को सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन बताया गया है। उनका स्वभाव बहुत कठोर और उग्र माना जाता है। जब भी कोई शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, या रक्षाबंधन भद्रा काल में किया जाता है, तो उसके परिणाम अशुभ हो सकते हैं।
पौराणिक मान्यता
एक पौराणिक कथा के अनुसार, शूर्पणखा ने अपने भाई रावण को भद्रा काल में ही राखी बांधी थी, जिसके कारण रावण के पूरे कुल का विनाश हो गया। इसी मान्यता के चलते, बहनें इस बात का विशेष ध्यान रखती हैं कि वे भद्रा काल में अपने भाई को राखी न बांधें। यह समय किसी भी मंगल कार्य के लिए वर्जित माना गया है।
रक्षाबंधन 2025: तिथि और भद्रा काल का समय
आइए, इस तालिका के माध्यम से रक्षाबंधन 2025 की तिथियों और समय को स्पष्ट रूप से समझते हैं ताकि कोई भ्रम न रहे।
| विवरण | तारीख और समय |
|---|---|
| श्रावण पूर्णिमा तिथि आरंभ | 19 अगस्त 2025, मंगलवार को दोपहर 03:04 बजे से |
| श्रावण पूर्णिमा तिथि समाप्त | 20 अगस्त 2025, बुधवार को सुबह 11:55 बजे तक |
| भद्रा काल का आरंभ | 19 अगस्त 2025, मंगलवार को दोपहर 03:04 बजे से |
| भद्रा काल की समाप्ति | 19 अगस्त 2025, मंगलवार को देर रात (लगभग 01:30 बजे के बाद) |
(ध्यान दें: ये समय पंचांग के अनुसार मामूली रूप से भिन्न हो सकते हैं। अपने स्थानीय पंडित से पुष्टि अवश्य करें।)
राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त 2025
ऊपर दी गई तालिका से यह स्पष्ट है कि 19 अगस्त को दिन में और शाम को भद्रा का साया रहेगा। इसलिए, राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त भद्रा समाप्त होने के बाद या अगले दिन सुबह होगा।
विकल्प 1: 19 अगस्त 2025, मंगलवार (देर रात)
- प्रदोष काल मुहूर्त (भद्रा समाप्ति के बाद): यदि आप रात में राखी बांधने में सहज हैं, तो भद्रा समाप्त होने के बाद का समय शुभ रहेगा। हालांकि, यह कई परिवारों के लिए व्यावहारिक नहीं हो सकता है।
विकल्प 2: 20 अगस्त 2025, बुधवार (सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त)
- सुबह का मुहूर्त: यह राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम और शास्त्र-सम्मत समय है। आप 20 अगस्त को सूर्योदय के बाद से लेकर सुबह 11:55 बजे तक राखी बांध सकते हैं।
- यह समय भद्रा मुक्त है और पूर्णिमा तिथि भी प्रभावी रहेगी। यह समय भाई और बहन दोनों के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
हमारा सुझाव: सबसे अच्छा और व्यावहारिक मुहूर्त 20 अगस्त 2025, बुधवार की सुबह का है।
वो 1 गलती जो आपको नहीं करनी है
रक्षाबंधन 2025 पर आपको जो सबसे बड़ी गलती करने से बचना है, वह है भद्रा काल में राखी बांधना।
अक्सर लोग जल्दी में या जानकारी के अभाव में 19 अगस्त को शाम के समय राखी बांधने का कार्यक्रम बना सकते हैं, क्योंकि उस दिन पूर्णिमा शुरू हो चुकी होगी। लेकिन ऐसा करना शास्त्रानुसार वर्जित है। भद्रा काल में किया गया यह पवित्र कार्य भाई के लिए कष्टकारी हो सकता है और त्योहार की शुभता को कम कर सकता है।
इसलिए, धैर्य रखें। भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते की गरिमा और शुभता बनाए रखने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार करें। चाहे आपको 19 की देर रात या 20 की सुबह तक रुकना पड़े, यह इंतजार आपके रिश्ते के लिए मंगलकारी ही होगा।
राखी बांधने की सही विधि
शुभ मुहूर्त में राखी बांधने के लिए इन सरल चरणों का पालन करें:
- पूजा की थाली सजाएं: एक थाली में कुमकुम (रोली), अक्षत (चावल), दीपक, मिठाई और राखी रखें।
- भाई को बैठाएं: भाई को पूर्व दिशा की ओर मुख करके एक साफ आसन पर बैठाएं।
- तिलक करें: बहन सबसे पहले भाई के माथे पर रोली और अक्षत का तिलक लगाए।
- आरती उतारें: दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें और उसकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करें।
- राखी बांधें: अब भाई की दाहिनी कलाई पर मंत्रोच्चार के साथ राखी बांधें। आप यह सरल मंत्र बोल सकती हैं:
"येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥" - मिठाई खिलाएं: राखी बांधने के बाद अपने भाई का मुंह मीठा कराएं।
- आशीर्वाद लें: भाई अपनी बहन को उपहार देता है और उसकी रक्षा का वचन देता है। बहन को भाई के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना चाहिए।
मुख्य बातें: एक नजर में
- रक्षाबंधन 2025 कब है? त्योहार 19 और 20 अगस्त दोनों दिन है, लेकिन मुहूर्त महत्वपूर्ण है।
- भद्रा काल कब है? 19 अगस्त को दोपहर से लेकर देर रात तक भद्रा रहेगी।
- क्या गलती नहीं करनी है? 19 अगस्त को भद्रा काल के दौरान राखी नहीं बांधनी है।
- सबसे शुभ मुहूर्त कौनसा है? 20 अगस्त 2025, बुधवार को सुबह सूर्योदय से लेकर 11:55 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
इस रक्षाबंधन, जानकारी के साथ त्योहार मनाएं और शुभ मुहूर्त का पालन करके अपने भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत और मंगलमय बनाएं। आप सभी को रक्षाबंधन 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं!